शिव ने स्वप्न में टिहरी नरेश को क्या दिया आदेश? (विश्वनाथ मंदिर, उत्तरकाशी Vishwanath Temple Uttarkashi)



उत्तराखंड के उत्तरकाशी के मध्य विशाल प्राचीनतम भगवान विश्वनाथ का मंदिर स्थित है। यहां वर्ष भर ब्रह्ममुहूर्त में भक्तगण भागीरथी के निर्मल जल से शिवलिंग का अभिषेक करने आते हैं। 

माना जाता है कि पहले यहां शिव का छोटा मंदिर था। समय गुजरने के साथ ही यह मंदिर जीर्ण—शीर्ण होने लगा था। मंदिर का जीर्णोद्धार दौलतराम नेपाली चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा बाबा काली कमलीवाला क्षेत्र की सहायता से वर्ष 1910 में करवाया गया था। गढ़वाल नरेश सुदर्शन शाह ने भी विक्रमी संवत 1914 यानी 1857 ईस्वी में इसी मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया था। 
 
आसपास के लोग बताते हैं कि टिहरी नरेश को सपने में शिव भगवान ने उत्तरकाशी में अपना मंदिर बनवाने का आदेश दिया था। शिवलिंग यहां पहले से ही स्थापित था। मंदिर के लिए जब वेदी का निर्माण शुरू हुआ तो वेदी की ऊंचाई के साथ—साथ शिवलिंग स्वत: ऊंचा होता गया। बढ़ते—बढ़ते इसकी ऊंचाई 10 फीट हो गई। पुन: शिव भगवान ने राजा को इतनी ही ऊंचाई पर मंदिर बनवाने का आदेश दिया।

यह प्रसिद्ध मंदिर गढ़वाल की परंपरागत कत्यूरी पद्धति पर 10 फीट ऊंचे पत्थरों से निर्मित विशाल चबूतरे पर बना है। गर्भगृह के मध्य शिव का विशाल, प्राकृतिक शिवलिंग है, जिस पर तांबे के घड़े से अनवरत पानी की बूंदे टपकती हैं और शिव का अभिषेक होता है। एक ओर गणेश जी की संगमरमर की तथा उससे आगे देवी पार्वती की काले पत्थर की मूर्ति स्थापित है।

सभामंडप में शिवलिंग की ओर उन्मुख वाहन नंदी की मूर्ति है। सभामंडप के बाहरी दरवाजे के दोनों ओर एक—एक चतुष्किका है। एक में यज्ञ कुड है तथा दूसरी पर भक्तजन विराजमान हो सकते हैं। द्वार के दाईं ओर एक शिलालेख भी मौजूद है। 

विश्वनाथ मंदिर के मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही दोनों ओर एक—एक छोटा मंदिर है। एक में विशाल आकार की गणेश जी की प्राचीन प्रतिमा है और इसके समीप ही भैरव की प्रतिमा भी स्थापित है। मंदिर के प्रांगण में साक्षी गोपाल तथा मार्कण्डेय मंदिर भी हैं। दोनों मंदिरों के मध्य में अर्घा में स्थापित शिवलिंग तथा कुछ भग्न प्रतिमाएं भी स्थित हैं।
 
मन्दिर में दर्शन का समय: मंदिर प्रात: 6 बजे से रात्रि 8 बजे तक दर्शनार्थ खुला रहता है। सोमवार और शिवरात्रि पर तो यहां लोगों का काफी जमावड़ा रहता है।

Vishwanath Temple, Uttarkash on Google Map

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कैसे पहुंचें (How To Reach) उत्तरकाशी की ऋषिकेश से दूरी 154 किलोमीटर है और यह ऋषिकेश—गंगोत्री मार्ग पर स्थित है। निकटतम हवाई अड्डा— जॉली ग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून दूरी 181 किलोमीटर निकटतम रेलवे स्टेशन— ऋषिकेश, दूरी 167 किलोमीटर
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