श्री शान्तिनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, आंवा, टोंक (Sri Shanti Nath Digamber Jain Atishaya Kshetra, Anwa, Tonk, Rajashtan)




राजस्थान के टोंक जिले में जयपुर—कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोंक और देवली शहरों के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग से लगभग 15 किमी दूरी पर स्थित आंवा गांव में प्राचीन दिगम्बर जैन मन्दिर व नसियां स्थित है।

आम धारणा है कि मन्दिर का निर्माण विक्रम संवत 1223 में किया गया था। इस मन्दिर की स्थापना कुन्द—कुन्द मूल आमान्यानुसार की गई थी। उस समय यह मन्दिर गुफा में था। विक्रम संवत 1593 में भट्टारक श्री धर्मचन्द द्वारा इसमें स्थित 4 फीट श्री 1008 शान्तिनाथ भगवान की पद्मासन प्रतिमा का पंचकल्याणक किया गया था। पंचकल्याणक महोत्सव को तत्कालीन शासक श्री सूर्य सेन के संरक्षण में किया गया था तथा लाखों जैन श्रावक पंचकल्याण महोत्सव में आये थे। यह भी मान्यता है कि उस समय पंचकल्याणक में जो भक्त आये थे, उनके भोजन में उपयोग में लायी गयी मिर्च के डण्ठल का वजन लगभग 29 क्विंटल था।

वर्तमान में मन्दिर में मूल प्रतिमा की गुफा की दीवारों व छत पर संगमरमर का कार्य किया गया है तथा दीवारों पर श्री 1008 शान्तिनाथ भगवान के तीर्थंकर कल्याणक संगमरमर पर उकरे गये हैं। मन्दिर के उच्च भाग में मूल प्रतिमा की प्रति प्रतिमा की स्थापना की गई है तथा अन्य तीर्थंकरों की प्रतिमा भी विराजमान है। मन्दिर के अन्दर की स्थापत्यकला मनमोह लेती है।

जब आप आंवा गांव से जयपुर—कोटा मार्ग पर लौटते हैं, तो मन्दिर से 4 किलोमीटर दूरी पर जैन नसियां भी स्थित है। यह छोटी पहाड़ी पर स्थित है, जहां तक वाहन से व पैदल आसानी से जाया जा सकता है। जैन नसियां के मुख्य मन्दिर में मूल नायक प्रतिमा श्री 1008 शान्तिनाथ भगवान की पद्मासन प्रतिमा है, जो 11.5 फीट की है। साथ ही श्री 1008 आदिनाथ भगवान व सहस्त्रफणी श्री 1008 पार्श्वनाथ भगवान की पद्मसान 7.5—7.5 फीट की प्रतिमाएं हैं। मुख्य मन्दिर में त्रिकाल चौबीसी है। 14 जून, 2008 में मुनी श्री 108 सुधासागर जी महाराज के सान्निध्य में भव्य पंचकल्याणक हुआ था। उस समय क्षेत्र का नाम श्री शान्तिनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र सुदर्शनोदय, आंवा घोषित किया गया।

जैन नसियां में सशुल्क आवास व भोजनालय है। यहां बच्चों को खेलने के लिये बाल वाटिका है। क्षेत्र में निर्माण व विकास कार्य चल रहा है। यह क्षेत्र शहरी जीवन की भागदौड़ से दूर एकांत में साधना के लिये उत्तम है।


मन्दिर में दर्शन का समय:
सुबह 5 बजे से रात्रि 9 बजे तक । समय ऋतुओं के अनुसार बदलता रहता है ।

Sri Shanti Nath Digamber Jain Atishaya Kshetra, Aanva, Tonk, Rajashtan on Google Map

कैसे पहुंचें (How To Reach)

सड़क: बस स्टेण्ड आंवा— 0 किलोमीटर

रेलवे स्टेशन: चन्दलाई — 52 किलोमीटर
अपने साधन से जाना सुविधाजनक होगा ।

Share on Google Plus

About travel.vibrant4.com

हमारा प्रयास है कि हम भारत के हर मंदिर की जानकारी पाठकों तक पहुंचाएं। यदि आपके पास ​किसी मंदिर की जानकारी है या आप इस वेबसाइट पर विज्ञापन देना चाहते हैं, तो आप हमसे vibrant4india@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं।

11 comments :

  1. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  2. Jai Jinendra,

    Can I have Administration contact number of Anwa Tirth Kshetra?

    -Tejas Shah
    swatej.shah@gmail.com

    ReplyDelete
  3. Please send me contact no.
    Shanthi dhara krwana h swasthya labh hetu please send contavt no.

    ReplyDelete
  4. Please send me contact.l wish to donate 211000 for gold work on one vedi of trikal chaubis
    P k jain
    B1/14 sector B Aliganj Lucknow U p

    ReplyDelete
  5. Replies
    1. Jai jinendra ji.mrajasthan jaipur se hu .Or krenge nam prem kumawat h. M vediji pr gold ka kam krta hu ...mere liye koi save ho to yad kijiye.ek bar save ka moka dijiye ...mob.9887014123...8619749290

      Delete
    2. Jai jinendra ji.mrajasthan jaipur se hu .Or krenge nam prem kumawat h. M vediji pr gold ka kam krta hu ...mere liye koi save ho to yad kijiye.ek bar save ka moka dijiye ...mob.9887014123...8619749290

      Delete
  6. Pl send me contact no sudarshan daya teerth for donation

    ReplyDelete
  7. असीम कालीन भक्ताम्बर विधान के लिये मेरा नाम शामिल करने की कृपा करें। वीरेंद्र कुमार जैन माला जैन(बाकलीवाल)कानपुर दिनांक 5 दिसंबर। राशि के लिये खाता विवरण व मोबाइल नंबर भेज दें।

    ReplyDelete

Popular Posts