जयपुर से पहले हो गई थी गलता तीर्थ की स्थापना


गलता तीर्थ, जयपुर, राजस्थान (Galta,Jaipur,Rajasthan)
राजस्थान की राजधानी जयपुर से करीब 10 किलोमीटर दूर एनएच आठ पर प्राकृति की वादियों में स्थित गलता की मान्यता एक प्रमुख तीर्थ स्थल के तौर पर है। पयोहारी महाराज बनारस के जगद्गरू थे। मुगल शासक औरंगजेब के समय रामानन्द सम्प्रदाय की मुख्यपीठ श्रीमठ पर आक्रमण कर उसे नष्ट करने का प्रयास किया गया। पयोहारी महाराज वहां से अपने अनुयायी संतों और सम्प्रदाय के ग्रंथों के साथ आमेर पहुंचे। उस समय पृथ्वीराज आमेर के राजा थे। कहा जाता है कि पृथ्वीराज के गुरू ने पयोहारी जी का अपमान कर दिया, इससे नाराज होकर पयोहारी ने उनके गुरू को तंत्र—मंत्र से पशु बना दिया। बाद राजा की दखल पर उन्होंने ये श्राप वापस लिया और वे वहां से गलता आ गए और यही उन्होंने तपस्या की। आज भी यहां पयोहारी बाबा की गुफा है। पयोहारी महाराज ने कीलेदेवाचार्य को यहां की गद्दी पर बिठाया। देश में इस समय 52 प्रमुख पीठ है जिनमें से 18 पीठ गलता से निकली है।
इस तरह देखा जाए तो गलता की स्थापना जयपुर की स्थापना से पहले हो चुकी थी। हालांकि जयपुर के संस्थापक महाराजा सवाई जयसिंह ने यहां मन्दिर तथा अन्य निर्माण कराए। वर्ष 1982 में आई बाढ़ में गलता में काफी नुकसान हुआ था, यहां कई मन्दिर और कुंड जमींदोज हो गए। इसके प्रमाण यहां आज भी देखे जा सकते है। जयपुर विकास प्राधिकरण ने विकास भी कराया।
जयपुर और उसके आसपास बसे शहरों में इस स्थान की मान्यता बहुत है। दूसरे तीर्थस्थलों की यात्रा करने के ​बाद यहां स्नान करने पर ही तीर्थयात्रा पूरी मानी जाती है। कार्तिक मास और मकर संक्रांति, सूर्यग्रहण, चन्द्रग्रहण जैसे पर्वों पर यहां स्नान का विशेष महत्व रहता है। सावन मास में यहां से कावड़ शहर के विभिन्न मन्दिरों में ले जाई जाती है और तब यहां की वादियां हर—हर महादेव, बम—बम भोले से गूंजती रहती है।
यहां की एक खासियत बन्दर है। जी हां, यहां बन्दर इतने ज्यादा है कि इसकी वजह से इसे मंकी वैली भी कहा जाता है। नेशनल ज्योग्राफी चैनल ने यहां के बन्दरों पर सीरीज बनाकर टेलीकॉस्ट की है।


मन्दिर में दर्शन का समय:
यहां पर कभी भी पहुंचा जा सकता है। हालांकि यहां स्थित मन्दिर दिन में दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बन्द रहते है।


Galta,Jaipur,Rajasthan on Google Map



कैसे पहुंचें (How To Reach)
रेल मार्ग— नजदीकी रेलवे स्टेशन जयपुर रेल्वे स्टेशन एवं गांधी नगर स्टेशन है। दोनों ही यहां से करीब 15 किलोमीटर दूरी पर है।
सड़क मार्ग— नजदीकी बस स्टैंड सिंधी कैम्प है। जो करीब 15 किलोमीटर दूर है।
एयरपोर्ट— सांगानेर एयर पोर्ट यहां से करीब 25 किलोमीटर दूरी पर है।
टैक्सी से यहां पहुंचा जा सकता है। इसके अतिरिक्त यहां तक विभिन्न इलाकों से बस सेवा भी उपलब्ध है।


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