ब्रह्मा मन्दिर, पुष्कर, राजस्थान (Brahma Temple, Pushkar, Rajasthan)

पत्नी के श्राप के कारण ब्रह्माजी की पूजा केवल पुष्कर में ही होती है
ब्रह्मा को इस सृष्टि का रचियता, भगवान विष्णु को पालनहार तथा महेश यानि शिव को संहारक माना जाता है। विष्णु और शिव के अनगिनत मन्दिर है लेकिन, ब्रह्मा का मंदिर दुनिया में केवल एक ही है और वह राजस्थान के पुष्कर में स्थित है। दरअसल ब्रह्मा जी की पूजा उनकी पत्नी के श्राप के कारण नहीं होती है।
पद्म पुराण के अनुसार प्राचीन काल में इस धरती पर उत्पात मचा रहे एक राक्षस वज्रनाश का वध ब्रह्मा जी ने किया था। इस दौरान ब्रह्मा जी के हाथ से कमल के पुष्प गिर गए। ये पुष्प जिन तीन स्थानों पर गिरे वहां झीले बन गई। इससे पुष्कर का निर्माण हुआ। ब्रह्मा जी ने यहां एक यज्ञ आयोजित करने का निर्णय किया। ब्रह्माजी यज्ञ के लिए पुष्कर पहुंच गए लेकिन, उनकी पत्नी सावित्री नहीं पहुंच सकी। शुभ मुहुर्त निकलता देख ब्रह्मा जी ने गायत्री नामक बालिका से विवाह कर लिया। जब सावित्री वहां पहुंची तो अपनी जगह किसी और को बैठे देख क्रोधित हो गई और उन्होंने ब्रह्माजी को देवता होने के बाद उनकी कही भी पूजा नहीं होने का श्राप दिया। बाद में देवताओं की विनती पर सावित्री ने कहा कि ब्रह्माजी की पूजा केवल पुष्कर में ही होगी। अन्य कही पर भी नहीं होगी। तब से ब्रह्माजी का यह इकलौता मन्दिर है। भगवान ब्रह्मा ने पुष्कर में कार्तिक पूर्णिमा के दिन यज्ञ किया था। यही कारण है कि हर साल कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर पुष्कर मेला लगता है।
तीर्थराज पुष्कर के नजदीक स्थित ब्रह्मा जी का यह मन्दिर करीब 2000 साल पुराना माना जाता है। मन्दिर का निर्माण किसने कराया, इसकी जानकारी नहीं मिलती लेकिन, कहा जाता है कि अरण्य वंश के एक राजा को इस स्थान पर मन्दिर होने का स्वप्न आया था। राजा यहां पहुंचा तो पुराना ढांचा मिले। जिसका जीर्णोद्धार करवाया गया। एक मान्यता के मुताबिक मन्दिर का निर्माण ग्वालियर के महाजन गोकुल प्राक् ने कराया था। यहां एक लाल रंग की लाट भी जिस पर हंस की आकृतियां बनी हुई है। मन्दिर में फर्श और दीवारों पर कई जगह पुराने सिक्के लबे हुए है। यह मन्दिर संगमरमर से बना हुआ है। इसका वास्तु देखने योग्य है।
मन्दिर में दर्शन का समय:
मन्दिर सुबह पांच बजे से दोपहर 12:30 बजे तक तथा शाम को चार बजे से रात नौ बजे तक खुला रहता है।

Brahma Temple,Pushkar,Ajmer on Google Map


कैसे पहुंचें (How To Reach)
सडक़ मार्ग- अजमेर से पुष्कर की दूरी करीब 11 किलोमीटर है। यहां से निजी साधन अथवा बस से पुष्कर पहुंचा जा सकता है। पुष्कर में भी बस स्टैंड है जहां से विभिन्न शहरों के लिए बस सेवा उपलब्ध है।
रेलवे स्टेशन- रेलवे स्टेशन अजमेर में है। यहां से टैक्सी अथवा बस से पुष्कर पहुंचा जा सकता है।
हवाई मार्ग-नजदीकी एयरपोर्ट जयपुर का सांगानेर हवाई अड्डा है। यह पुष्कर से 146 किमी दूर है। सांगानेर से टैक्सी कार या बस से पुष्कर पहुंचा जा सकता है।

Share on Google Plus

About travel.vibrant4.com

हमारा प्रयास है कि हम भारत के हर मंदिर की जानकारी पाठकों तक पहुंचाएं। यदि आपके पास ​किसी मंदिर की जानकारी है या आप इस वेबसाइट पर विज्ञापन देना चाहते हैं, तो आप हमसे vibrant4india@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं।

0 comments :

Post a comment

Popular Posts